इंडस्ट्रियल आग से दहला इलाका, दमकल ने घंटों बाद पाया काबू
इंदौर: मध्य प्रदेश के औद्योगिक केंद्र पीथमपुर से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सेक्टर-3 स्थित हजारगो इंडस्ट्रियल वेस्ट डिस्पोजल कंपनी में लगी भीषण आग पर करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह काबू पा लिया गया है। इस घटना ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया था।
यहाँ घटनाक्रम से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है:
12 दमकल और रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल
आग इतनी विकराल थी कि इसे बुझाने के लिए कई जिलों से मदद बुलानी पड़ी:पीथमपुर के अलावा इंदौर, धार, धामनोद और धरमपुरी की 12 दमकल गाड़ियां मौके पर तैनात रहीं। तरनाक केमिकल की मौजूदगी को देखते हुए 2 फायर रोबोट और इंदौर नगर निगम से 2 विशेष फोम एक्सटिंग्विशर मंगाए गए। गर पालिका के अनुसार, आग को शांत करने में 200 से अधिक पानी के टैंकरों का उपयोग किया गया।
कैसे बिगड़े हालात?
फैक्ट्री में केमिकल कचरे और वेस्ट मैनेजमेंट का काम होता है। आग लगने के कुछ ही देर बाद केमिकल के ड्रमों में सिलसिलेवार धमाके होने लगे, जिससे लपटें आसपास की अन्य यूनिटों तक पहुँच गईं।जिस समय मंगलवार रात करीब 9:45 बजे आग लगी, फैक्ट्री में 10 मजदूर काम कर रहे थे। गनीमत रही कि उन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासनिक निगरानी और भारी नुकसान
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी और एसपी मयंक अवस्थी रात भर मौके पर मौजूद रहे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। आग की चपेट में आने से फैक्ट्री में खड़ी जेसीबी (JCB) और हाइड्रा क्रेन पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। हालांकि अभी तक नुकसान का सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासन ने आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन कर की सर्वकल्याण की प्रार्थना
चौंकाने वाली रिपोर्ट! दुनिया के प्रदूषित और अमीर शहरों में भारत के 138 शहर
अनियमितता मिलने पर खरसिया का वंदना पेट्रोल पंप सील
अवैध रेत परिवहन करते 3 ट्रैक्टर जब्त
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की गूगल की टीम के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक बुधवार 20 मई को
मध्यप्रदेश में समय सीमा से पहले नक्सलवाद की समाप्ति में सफलता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
क्या ममता-कांग्रेस की दूरी से बिगड़ा खेल? बंगाल में TMC की हार पर चर्चा तेज
पुणे सीट पर सस्पेंस बरकरार, महायुति में नहीं बन रही सहमति