ईरान-इजरायल टकराव के बीच भारत ने बनाई नई योजना
पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और देश में गैस की किल्लत के बीच नई दिल्ली की तरफ से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. आर्थिक संकट की आशंका के बीच Narendra Modi ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत United States के साथ भी अपने संबंध बेहतर बनाए रखना चाहता है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है दो भारतीय एलपीजी टैंकरों का Strait of Hormuz से होकर गुजरना.ईरान पर Israel और United States के संयुक्त हवाई हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को पिछले करीब दो हफ्तों से पूरी तरह बंद कर दिया गया है. हालांकि जहां से युद्ध शुरू हुआ है, वहां से फिलहाल India, China और Russia को ही इस ट्रांजिट मार्ग से गुजरने की अनुमति मिली है|
भारत की जबरदस्त कूटनीति
ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद भारत ने शुरुआत में जरूर चुप्पी साधी थी, लेकिन युद्ध के ऊर्जा और वित्तीय बाजारों पर बढ़ते असर को देखते हुए नई दिल्ली ने कूटनीतिक पहल तेज कर दी है. भारत दुनिया में एलपीजी का सबसे बड़ा आयातक देशों में से एक है और युद्ध के बीच इसकी भारी किल्लत महसूस की जा रही है|एलपीजी का इस्तेमाल एक तरफ जहां रसोई गैस के रूप में होता है, वहीं दूसरी ओर औद्योगिक कार्यों में भी इसका उपयोग किया जाता है. दूसरी तरफ भारत अपनी जरूरतों का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बाद महंगाई बढ़ने का दबाव बढ़ गया है. इसके साथ ही भारतीय मुद्रा भी अपने सर्वकालिक निचले स्तर के करीब पहुंच गई है|
दोहरी चुनौती को साधते भारत
एक तरफ जहां भारत ने ईरान से संपर्क साधा है, वहीं दूसरी ओर युद्ध के बीच अपने करीबी रणनीतिक और आर्थिक साझेदार United States के साथ संबंध भी मजबूत बनाए रखना चाहता है.इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने Russia से तेल खरीदने को लेकर भारत को राहत देते हुए अपने पुराने रुख से अलग रुख अपनाया. इससे पहले Donald Trump प्रशासन ने रूस से सस्ता तेल खरीदने के कारण भारत पर जुर्माने के तौर पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ था. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट भी है और हाल में हुई एक डील के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर लगाए गए कुछ टैरिफ में कटौती का ऐलान किया था.अंतरराष्ट्रीय जानकारों की मानें तो India इस समय संतुलित एप्रोच के साथ आगे बढ़ रहा है. Takshashila Institution (बेंगलुरु स्थित थिंक टैंक) के फाउंडर Nitin Pai के मुताबिक Strait of Hormuz से भारतीय एलपीजी टैंकरों का गुजरना इस बात का सीधा संकेत है कि नई दिल्ली की कूटनीति काम कर रही है|
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