चैत्र माह की अमावस्या रहेगी विशेष
सनातन धर्म में अमावस्या तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस माह चैत्र माह की अमावस्या तिथि 28 मार्च को रात 7:55 बजे से शुरू होकर 29 मार्च को शाम 4:27 बजे समाप्त होगी। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि बेहद खास मानी जाती है। इस बार शनिवार के दिन अमावस्या होने की वजह से इसे शनि अमावस्या कहा जाता है!
इस शुभ अवसर पर गंगा समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है और मां गंगा की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा, अमावस्या तिथि पर पितरों के तर्पण के साथ ही पिंडदान भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या तिथि पर महादेव की पूजा से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है, वहीं पूर्वजों का तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। शनि अमावस्या का खास महत्व और शुभ योग । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस शनि अमावस्या के दिन कई दुर्लभ योग बन रहे है। इस दिन ब्रह्मा और इंद्र योग का शुभ संयोग भी बन रहा है। इसके अलावा, दुर्लभ शिव वास योग का भी निर्माण हो रहा है, जिसमें गंगा स्नान कर भगवान शिव के साथ शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से हर मनोकामना पूरी होगी और जीवन में सुखों का आगमन होगा।
युद्धविराम के बावजूद खाड़ी में तनाव जारी, UAE-कुवैत पर हमले और ईरान में विस्फोट
सीजफायर पर भारत की प्रतिक्रिया, अमेरिका-ईरान समझौते का किया स्वागत
कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
क्यों मनाया जाता है विश्व होम्योपैथी दिवस? जानें इसका इतिहास
मौसम बदलते ही डायबिटीज मरीजों पर बढ़ता खतरा, ऐसे रखें अपना ध्यान
पूछताछ में वॉर्नर ने स्वीकार की अपनी गलती
डॉ. सुरेंद्र सिंह को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
भारत और बांग्लादेश की कूटनीतिक वार्ता सक्रिय, डोभाल और खलीलुर रहमान की डिनर मीट में चर्चा की उम्मीद