यूपी में मानसून मेहरबान, बरेली में रिकॉर्ड बारिश दर्ज; मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
लखनऊ| उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई राज्यों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। रफ्तार पकड़ते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में दस्तक दे दी। इस पहली मानसूनी बारिश के कारण राज्य के विभिन्न जिलों में पारे में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और तपिश से छुटकारा मिला है।
मंगलवार को राज्य के कई इलाकों में झमाझम पानी बरसा, जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। विशेषकर पूर्वांचल और तराई के क्षेत्रों में हुई इस बारिश से खरीफ की फसलों की बुवाई का काम तेज हो गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को बरेली में सबसे ज्यादा 157 मिमी और ललितपुर में 106 मिमी बारिश हुई। इसके साथ ही लखीमपुर खीरी में 99.4 मिमी, अयोध्या में 69 मिमी और अंबेडकरनगर में 66 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, गोरखपुर और अयोध्या समेत पूर्वांचल व पूर्वी तराई के हिस्सों को कवर कर चुका है। आने वाले दो-तीन दिनों में इसके पूरे राज्य में सक्रिय होने की उम्मीद है। विभाग ने बुधवार के लिए बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, बांदा, प्रयागराज, मिर्जापुर और वाराणसी समेत करीब 30 जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और गरज-चमक की चेतावनी दी है।
लखनऊ: राजधानी में बरसीं फुहारें, तापमान में भारी गिरावट
लखनऊ में पिछले कई दिनों से पड़ रही चिलचिलाती गर्मी और उमस से परेशान नागरिकों को मंगलवार को बड़ी राहत मिली। सुबह से ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं, जिससे मौसम खुशनुमा हो गया। मलिहाबाद, मोहनलालगंज और काकोरी जैसे ग्रामीण अंचलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई।
इस बारिश के चलते दिन का अधिकतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस लुढ़क कर 32.1 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बुधवार को भी राजधानी में हल्की वर्षा के आसार बने हुए हैं।
पूर्वोत्तर भारत: असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ से हालात गंभीर, दो लाख लोग प्रभावित
जहां एक तरफ उत्तर भारत को गर्मी से राहत मिली है, वहीं पूर्वोत्तर भारत में मानसून आफत बनकर बरसा है। अरुणाचल प्रदेश और असम में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिससे करीब दो लाख की आबादी प्रभावित हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष इलाकों को भी पूरी तरह कवर कर लिया है। वर्तमान में मानसून सूरत (गुजरात), इंदौर, सागर, सीधी (मध्य प्रदेश) से होते हुए देहरादून (उत्तराखंड) और मंडी (हिमाचल प्रदेश) तक पहुंच गया है। जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं।
बाढ़ के कारण अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में भूस्खलन और जलभराव से 14 गांवों के हजारों लोग संकट में हैं। वहीं असम के धेमाजी समेत कई जिलों में 60 से अधिक गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
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