गैस महंगी तो मेस भी महंगी! IET गर्ल्स हॉस्टल में 300 रुपये फीस बढ़ी
इंदौर: देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) में इन दिनों कमर्शियल गैस सिलेंडरों के बढ़े हुए दामों और किल्लत के चलते भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। इस संकट का सीधा असर हॉस्टल की छात्राओं पर पड़ा है, क्योंकि मेस संचालकों ने बढ़ती लागत का हवाला देते हुए अचानक मेस फीस में बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद से छात्राओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने इस बढ़ी हुई अतिरिक्त राशि का भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया है, जिसके चलते प्रबंधन और स्टूडेंट्स के बीच गतिरोध की स्थिति पैदा हो गई है।
लागत बढ़ने के नाम पर 300 रुपये का इजाफा
संस्थान के मेस संचालक ने मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए मासिक मेस फीस में सीधे 300 रुपये की वृद्धि कर दी है। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से अब तक 2500 रुपये प्रति माह मेस फीस ली जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 2800 रुपये कर दिया गया है। इस तय शुल्क के बदले छात्राओं को सुबह का नाश्ता और दो वक्त का खाना दिया जाता है। इस फैसले से हॉस्टल में रह रहीं करीब 250 छात्राएं सीधे तौर पर प्रभावित हो रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेस संचालक का तर्क है कि बाजार में कमर्शियल गैस की भारी किल्लत और उसकी आसमान छूती कीमतों के कारण उनके पास फीस बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था।
छात्राओं का जोरदार हंगामा और टिफिन सेंटर्स की तलाश
मेस संचालक जहां प्रतिदिन के हिसाब से मात्र 10 रुपये की मामूली बढ़ोतरी का दावा कर रहा है, वहीं छात्राओं का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक इस तरह जेब पर बोझ डालना पूरी तरह गलत है। इस मनमाने फैसले के खिलाफ छात्राओं ने हॉस्टल परिसर में जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। स्टूडेंट्स की मुसीबतें यहीं खत्म नहीं हो रही हैं, बल्कि आने वाले दिनों में यह संकट और गहराने वाला है। मेस संचालक ने आगामी 22 मई से मेस को पूरी तरह बंद करने का ऐलान कर दिया है, जिससे घबराई कई छात्राओं ने अब खाने के वैकल्पिक इंतजाम के तौर पर शहर के अन्य टिफिन सेंटर्स से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
प्रबंधन के साथ बैठक रही बेनतीजा, 22 मई से बंद होगी मेस
हॉस्टल में बढ़ते बवाल और छात्राओं के कड़े विरोध को देखते हुए मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। इसके तहत मेस संचालक, IET निदेशक, हॉस्टल के चीफ वार्डन और छात्राओं के प्रतिनिधियों के बीच एक अहम बैठक बुलाई गई। गतिरोध खत्म करने के लिए कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं के सामने एक बीच का रास्ता रखते हुए प्रस्ताव दिया कि वे 100 रुपये अतिरिक्त फीस दे दें, लेकिन इसके बदले उन्हें केवल एक समय का ही भोजन मिल सकेगा। प्रबंधन के इस अजीबोगरीब प्रस्ताव को सुनकर छात्राएं और अधिक भड़क गईं और उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। बैठक में कोई आम सहमति न बन पाने के कारण अब 22 मई से मेस पर ताला लगना तय माना जा रहा है, जिससे हॉस्टल की सैकड़ों छात्राओं के सामने भोजन का बड़ा संकट खड़ा होने वाला है।
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