कलकत्ता हाई कोर्ट में आरजी कर मामले की सुनवाई आज, सबकी नजरें फैसले पर
कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म और हत्या के मामले में आज यानी मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की एक नई डिवीजन बेंच सुनवाई शुरू करने जा रही है। इस नवनिठित बेंच में जस्टिस शम्पा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष शामिल हैं। हाई कोर्ट की आधिकारिक कार्यसूची के अनुसार, इस बेहद संवेदनशील मामले पर दोपहर ठीक एक बजे से बहस शुरू होगी।
जस्टिस राजशेखर मंथा के हटने के बाद नई बेंच का गठन
इससे पहले, 12 मई को जस्टिस राजशेखर मंथा की अध्यक्षता वाली बेंच ने खुद को इस केस की सुनवाई से अलग कर लिया था। उन्होंने अपनी टिप्पणी में कहा था कि इस गंभीर और संवेदनशील मामले की सुनवाई में तेजी लाना बेहद जरूरी है। इसके बाद, 15 मई को चीफ जस्टिस सुजॉय पॉल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे जस्टिस सरकार और जस्टिस घोष की नई बेंच के सुपुर्द कर दिया। चीफ जस्टिस ने साफ निर्देश दिए हैं कि इस प्रकरण से जुड़ीं सभी याचिकाओं पर अब यही नई बेंच एक साथ सुनवाई करेगी, जिसमें पीड़ित परिवार की वह अर्जी भी शामिल है जिसमें उन्होंने घटनास्थल (क्राइम सीन) पर जाने की इजाजत मांगी है।
क्राइम सीन पर जाने की अनुमति को लेकर राज्य सरकार का रुख
इस मामले में पीड़ित परिवार के घटनास्थल पर जाने को लेकर पहले काफी विवाद हुआ था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने परिवार के वहाँ जाने पर अपनी सहमति दे दी थी, लेकिन तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने इसका कड़ा विरोध किया था। इस पर पिछली बेंच के जस्टिस मंथा ने सवाल भी उठाया था कि जब मुख्य जांच एजेंसी (सीबीआई) को कोई आपत्ति नहीं है, तो राज्य सरकार आखिर किस आधार पर इसका विरोध कर रही है।
नई सरकार का बड़ा एक्शन: पूर्व पुलिस कमिश्नर सहित कई अधिकारी सस्पेंड
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने कोलकाता के पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल और दो डिप्टी कमिश्नर इंदिरा मुखर्जी व अभिषेक गुप्ता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इन पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि सीबीआई को केस ट्रांसफर होने से पहले कोलकाता पुलिस ने शुरुआती जांच में भारी लापरवाही बरती थी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को एक और बड़ा फैसला लेते हुए आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ मुकदमा चलाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है, जिसे पिछली सरकार ने लंबे समय से अटका रखा था। यह मंजूरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अस्पताल में हुए वित्तीय घोटालों की जांच के सिलसिले में दी गई है।
सीबीआई और ईडी की समानांतर जांच जारी
गौरतलब है कि कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद ही इस पूरे मामले की कमान केंद्रीय एजेंसियों के हाथ में आई थी। फिलहाल, सीबीआई अगस्त 2024 में अस्पताल परिसर के भीतर हुए दुष्कर्म-हत्याकांड और वहां हुई वित्तीय अनियमितताओं, दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) केवल अस्पताल में हुई वित्तीय गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के एंगल से मनी ट्रेल खंगालने में जुटी हुई है।
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