जगदलपुर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छत्तीसगढ़ दौरे का आज दूसरा दिन है। सोमवार देर शाम रायपुर पहुंचने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शिष्टाचार मुलाकात की। आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव जगदलपुर में आयोजित होने वाली '26वीं मध्य क्षेत्रीय परिषद' (Central Zonal Council) की बेहद महत्वपूर्ण बैठक में शिरकत करेंगे। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे शुरू होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी शामिल हो रहे हैं।

चार राज्यों के विकास और प्रशासनिक तालमेल पर महामंथन

जगदलपुर में होने वाली इस बैठक में चारों पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच प्रशासनिक और नीतिगत मामलों को लेकर आपसी समन्वय (कोऑर्डिनेशन) बढ़ाने पर मुख्य रूप से चर्चा होगी। इस परिषद का उद्देश्य राज्यों के बीच सीमा विवाद, सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के विकास और जनहित की योजनाओं को मिलकर बेहतर ढंग से लागू करना है। इससे पहले मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक उत्तर प्रदेश में आयोजित की गई थी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे का भी आज दूसरा दिन है, जो इस बैठक के बाद दोपहर 3 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए चर्चा के मुख्य बिंदुओं को साझा करेंगे और शाम 4 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

'बंदूकों की गूंज से लोकगीतों की मधुर धुन तक' का सफर

सोमवार देर शाम गृहमंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बस्तर के इस बदलते रंग को देखकर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा करते हुए लिखा कि जिस जगदलपुर और बस्तर की पहचान कभी बंदूकों की गूंज से होती थी, आज वहाँ ढोल, मांदर और लोकगीतों की मधुर धुन सुनाई दे रही है। उन्होंने 'बस्तर के संग' कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब अपनी अनूठी संस्कृति, कला और धरोहर को सहेज रहा है, जो वैश्विक पटल पर भारत का गौरव बढ़ाएगी। इससे पहले गृहमंत्री ने सोमवार को नक्सल पीड़ितों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल भी जाना था।

बस्तर में पहली बार इतनी बड़ी बैठक, सीएम साय ने जताया गर्व

इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के बदलते स्वरूप पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर की धरती पर पहली बार इस तरह की उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। सीएम साय ने रेखांकित किया कि जो बस्तर कभी नक्सली हिंसा और चुनौतियों से जूझता था, वह आज शांति, सुरक्षा और तेज विकास की नई इबारत लिख रहा है। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की यह उपस्थिति अंतरराज्यीय संबंधों को मजबूत करेगी और एक विकसित व आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।