भूमि अधिग्रहण में देरी से अर्थव्यवस्था को झटका: गडकरी
नई दिल्ली | केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र (Infrastructure Sector) में व्याप्त खामियों पर कड़ा प्रहार किया है। दिल्ली में आयोजित 'इंफ्रास्ट्रक्चर सम्मेलन और अचीवर्स अवार्ड्स 2026' के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं में देरी और घटिया निर्माण के लिए जवाबदेही तय करना अब सरकार की प्राथमिकता है।
परियोजनाओं में देरी के लिए कमजोर योजना जिम्मेदार
एसोचैम (ASSOCHAM) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट के समय पर पूरा न होने के पीछे निर्णय लेने में देरी, लचर प्लानिंग और जवाबदेही का अभाव सबसे बड़े कारण हैं। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण और प्रशासनिक अनुमतियों जैसे मुद्दों को यदि शुरुआत में ही नहीं सुलझाया जाता, तो यह अंततः देश को बड़े आर्थिक नुकसान की ओर ले जाता है। उन्होंने अधिकारियों और इंजीनियरों को चेतावनी दी कि बिना उचित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और पर्याप्त परीक्षण के निविदाएं (Tenders) जारी करना सड़कों और पुलों की विफलता का मुख्य कारण बनता है।
घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदारों पर गिरेगी गाज
निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सख्त लहजा अपनाते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब वह दौर चला गया जब ठेकेदार खराब काम करके बच निकलते थे। उन्होंने निर्देश दिया कि जो भी कंपनियां गुणवत्ता से समझौता करेंगी, उन्हें न केवल दंडित किया जाएगा बल्कि भविष्य के लिए 'काली सूची' (Blacklist) में भी डाल दिया जाएगा। गडकरी ने पारदर्शिता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आज सोशल मीडिया के युग में कोई भी खामी छिपी नहीं रह सकती, इसलिए ठेकेदारों को अपनी कार्यशैली में सुधार करना होगा।
नवाचार और तकनीक से लागत कम करने पर जोर
भविष्य की चुनौतियों पर बात करते हुए नितिन गडकरी ने निर्माण क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचार (Innovation) को अपनाने की अपील की।
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कचरे से ऊर्जा: उन्होंने कचरे से ऊर्जा उत्पादन और वैकल्पिक निर्माण सामग्री के उपयोग पर बल दिया।
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लागत नियंत्रण: उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से निर्माण की लागत कम की जा सकती है, बशर्ते गुणवत्ता बरकरार रहे।
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निरंतर सुधार: उन्होंने कहा कि पूर्णता एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और विभाग को अपनी गलतियों से सीखकर लगातार सुधार करना चाहिए।
"केवल काम की संख्या बढ़ाना हमारा लक्ष्य नहीं है, बल्कि टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाला बुनियादी ढांचा तैयार करना 'विकसित भारत' के लिए अनिवार्य है।" — नितिन गडकरी
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