रानी मुखर्जी ने बेटी को रखा है लाइमलाइट से दूर, जानिए इसके पीछे की खास वजह
Rani Mukherjee: जहां एक तरफ स्टार किड्स पैपराजी के कैमरों से घिरे रहते हैं वहीं 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक रानी मुखर्जी ने अपनी बेटी को जन्म से ही लाइमलाइट से कोसों दूर रखा है. साल 2015 में आदिरा के जन्म से लेकर अब तक एक भी ऑफिशियल फोटो में उनका चेहरा रिवील नहीं किया गया है. एक पॉपुलर एक्ट्रेस होने के बाद बेटी को पूरी तरह लाइमलाइट से दूर रख पाना कोई आसान काम नहीं है, लेकिन रानी ने यह मुश्किल काम बखूबी से किया है और दूसरे सेलिब्रिटी कपल के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है. आदित्य चोपड़ा और रानी मुखर्जी ने बेटी आदिरा को अब तक मीडिया और लोगों की नजरों से छिपा कर रखा है.
बेटी को नॉर्मल जीवन देना चाहती है रानी
कॉफी विद करण के आठवें सीजन में होस्ट करण जौहर ने रानी से बेटी को लाइमलाइट से दूर रखने के पीछे का कारण पूछा था. डायरेक्टर और प्रोड्यूसर करण जौहर के सवाल का जवाब देते हुए रानी ने कॉफी विद करण शो में कहा था कि वह बेटी आदिरा को आम बच्चों की तरह एक साधारण जीवन देना चाहती हैं. रानी नहीं चाहती की स्कूल में सभी बच्चों के बीच स्पेशल फील न करें. एक्ट्रेस का मानना है कि ऐसा तभी संभव है जब आदिरा को लाइमलाइट से पूरी तरह दूर रखा जाए. रानी ने यह भी बताया था कि रानी पैपराजी से आदिरा की तस्वीरें नहीं लेने का रिक्वेस्ट करती हैं और उन्हें इस बात की खुशी है कि पैपराजी उनकी बात मानते हैं.
डिलीवरी के बाद फिल्मों से दूरी
रानी मुखर्जी ने साल 2015 में बेटी आदिरा को जन्म दिया था. आदिरा के जन्म के बाद रानी ने फिल्मों से दूरी बना ली थी. एक्ट्रेस अपना सारा समय बेटी को ही दे रही थी लेकिन पति आदित्य चोपड़ा के कहने पर दोबारा फिल्मों में वापसी की. वर्कफ्रंट की बात करें तो रानी को आखिरी बार साल 2023 में रिलीज मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे में नजर आई थीं. जल्द ही रानी मुखर्जी अपनी अपकमिंग मूवी मर्दानी 3 के साथ अगले साल बड़े पर्दे पर दर्शकों से रूबरू होंगी.
राशिफल 6 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
पीएम आवास से साकार हुआ सपना: कांति को मिला अपना आशियाना
मरीज को मिला समय पर उपचार, सुकमा के चिकित्सकों की टीम ने दिखाई तत्परता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
पशुपालन की विभिन्न योजनाओं से किसान होंगे आत्मनिर्भर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
हरी खाद से बदल रही खेती की तस्वीर : कम लागत, बेहतर मुनाफा और स्वस्थ मिट्टी
शहीद के संघर्ष और बलिदान की गाथा भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : राज्यपाल पटेल